स्मार्टफोन : विकल्प

सभी आई टी वाले मोबाइल के विषय में लिख रहे हैं तो सोचा मुझे भी कुछ न कुछ लिखना चाहिए, तो भई इस पोस्ट से मोबाइल के विषय में भी लिखना शुरू कर रहा हूँ। यह अलग बात है कि पीसी के भी कई विषय अभी तक या तो अनछुए रह गए हैं या फिर अधूरे हैं, जिन्हें पूरा किये जाने की आवश्यकता है, किन्तु एकाग्रता के अभाव में उन्हें पूर्ण नहीं कर पा रहा हूँ ।
दरअसल अभी कुछ ही दिनों पहले मैंने नया स्मार्टफोन (विंडोज आधारित) खरीदा है, देखा तो पता लगा कि हिन्दी में इसके लिए भी जानकारियां कम ही उपलब्ध हैं ।
प्रारंभिक पोस्ट है तो प्रारंभिक बातें ही लिखना ठीक होगा । प्रथम स्मार्टफोन खरीदने वालों को यह बता दूं कि सामान्य तौर पर जो भी मोबाइल हम उपयोग किया करते थे, वे अपने जमाने के हिसाब से थोड़े से स्मार्ट होते हुए भी स्मार्टफोन नहीं कहलाते थे, पर आजकल जबकि मोबाइल डिवाइसेस (चाहे वह मोबाइल फोन हो या फिर टैबलेट पीसी) में वेब-ब्राउजर, मल्टीमीडिया, ई-मेल, सोशियल नेटवर्किंग और ऑफिस सॉफ्टवेयर आदि समाहित हो गये हैं एवं इनका उपयोग एक से अधिक कार्यों हेतु किया जाने लगा है तो इसे स्मार्टफोन कहा जाने लगा है।
इसके कई संस्करण (अलग-अलग प्लेटफॉर्म होने के कारण) उपलब्ध हैं। दरअसल पीसी की ही तरह अनेक ऑपरेटिंग सिस्टम्स के कारण अनेक विकल्प आपके सामने हैं। जैसे कि - विंडोज, मैक, बाडा, ऐन्ड्रॉइड इत्यादि ।
 
आजकल ऐण्ड्रॉइड काफी प्रचलित है और यह सस्ता भी है। माइक्रोमैक्स, स्पाइस, सैमसंग सीरीखी कम्पनियां इसे ही तवज्जो दे रही हैं और अपने अधिकांश स्मार्टफोन इसी ऑपरेटिंग सिस्टम के जारी कर रही हैं। यद्यपि अन्य प्लेटफॉर्म भी इन कम्पनियों द्वारा पेश किये जा रहे हैं। परन्तु इन कम्पनियों का मेन फोकस लाइनक्स आधारित एवं गूगल (जी हां, वही सर्च इंजन) द्वारा विकसित इसी ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है। चूंकि मुख्‍य सॉफ्टवेयर यानि ऑपरेटिंग सिस्टम मुफ्त में उपलब्ध है, इसका सोर्स कोड मुफ्त में उपलब्‍ध है, इसलिए इसके 99% सहायक सॉफ्टवेयर्स (जिन्हें हम प्राय: ऐप्लिकेशन या ऐप्स कहते हैं) भी मुफ्त में ही उपलब्ध हैं।
 
मैक एक विश्वप्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो कि एप्पल कम्पनी द्वारा प्रारंभ में कम्प्यूटरों के लिए और फिर मोबाइल डिवाइसेज के लिए प्रयोग किया जाने लगा है। इसी क्रम में अब एप्पल द्वारा बाजार में लाई गयी आई-फोन श्रृंखला में यही ऑपरेटिंग सिस्टम प्रयोग किया जाता है, यहां उल्लेखनीय है कि इस पर एप्पल का एकाधिकार होने के कारण यह ऑपरेटिंग सिस्टम किसी अन्य कम्पनी द्वारा उपयोग नहीं किया जाता यहां यह भी जिक्र किया जाना उचित होगा कि प्राय: ये फोन बाजार में सबसे मंहगे दामों में बिकते हैं व इसके लिए आवश्यक अनुप्रयोग (ऐप्स) भी अधिकांशत: मुफ्त नहीं हैं।
 
विंडोज एक विश्वप्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो कि माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। स्मार्टफोन बाजार में भी यह पिछले काफी समय से अपना डंका बजवाये हुए है किन्तु ऐण्ड्रॉइड के आने से इसे खासी टक्कर मिली । भारत जैसे देश में, जहां उपयोक्ताओं का एक काफी बड़ा वर्ग केवल विज्ञापनों के प्रभाव में आकर खरीददारी करता है, इसलिए इसे बिक्री के मामले में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हां विंडोज ने अपनी विश्वसनीयता अभी तक बरकरार रखी है, इसलिए मेरे जैसे कुछ उपयोक्ता अभी भी इसे ही पसंद करते हैं। यूं तो एच टी सी, एल जी, माइक्रोसॉफ्ट व सैमसंग इत्यादि कम्पनियां विंडोज आधारित फोन मार्केट में बेच रही हैं। इन दिनों मोबाइल फोन बनाने वाली प्रसिद्ध कम्पनी नोकिया एवं माइक्रोसॉफ्ट का करार हुआ है, जिसके तहत नोकिया अब विंडोज आधारित स्मार्टफोन ही बेचेगी। हालांकि यह प्लेटफॉर्म भी मुफ्त नहीं है, फिर भी इसके लिए मुफ्त व बिक्रीयोग्य दोनों ही प्रकार के सॉफ्टवेयर्स (ऐप्स) उपलब्ध हैं।
 
बाडा भी एक अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिस पर आधारित फोन आजकल बाजार में आ रहे हैं, किन्तु ये फोन उतने स्मार्ट नहीं हैं, जितने कि अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम आधारित फोन हैं। इसलिए यदि आप वास्तव में ''स्मार्ट'' फोन लेना चाहते हों, तो मेरी राय है कि इससे बचें।

अधिकांश  मित्रों के लिए यह जानकारी अपर्याप्त है, यह मैं जानता हूँ, लेकिन यह केवल भूमिका है उन बातों को शुरू करने के लिए, जो कि आगामी पोस्ट्स में लिखी जानी प्रस्तावित हैं। आशा है कि मित्र इसे समझेंगे और सहयोग करेंगे।

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